बूंदो की संस्कृति

प्राचीन भारतीय शासको ने सार्वजनिक हित  के लिए सिंचाई सुविधाओं के विकास जैसे जो कार्य किये ! सरकारी प्रयासों से सिंचाई के लिए नहरों के अलावा कुए और तालाब भी बनवाये जाते थे ! महाभारत में युधिष्ठिर को शासन के सिद्धांतो क्र बारे में सलाह देते हुए नारद ने विशाल जलप्लावित जीलें खुदवाने पर जोर दिया है ताकि खेती के लिए वर्षा पर निर्भर न होना पड़े ! बांधो के रखरखाव के प्रति प्राचीन शासको की उत्सुकता कुंतगनी के शिलालेखों से प्रगट होती है जिसमे लिखा है कि कदंब  शासक रविवर्मन ने वारियाका गांव में तालाब के बाँध बनानेका आदेश दिया था ! ऐसे सत्कर्मो को बहुत महत्त्व दिया जाता था ! मरम्मत के अलावा तालाब – कुएं खुदवाने के काम को भी गर्व का काम माना जाता था ! सामंत परिवारोंमें जन्मे या सामान्य श्रेणीमे लोगो द्वारा धार्मिक भावना से भी तालाब और कुएं बनवाने के उदाहरण मिलते है !